आज के समय में बढ़ते बिजली बिल और बार-बार होने वाली कटौती ने आम घरों को सोलर सिस्टम की ओर तेजी से मोड़ा है। खासकर वे लोग जो कम बजट में लंबे समय तक राहत चाहते हैं, उनके लिए 1500 वाट का सोलर सिस्टम एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह सिस्टम न सिर्फ रोजाना 7 से 8 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है, बल्कि फ्रिज, कूलर, टीवी, वॉशिंग मशीन और लाइट जैसे जरूरी घरेलू लोड को भी आसानी से चला सकता है। सबसे खास बात यह है कि इसमें कम बैटरी में भी ज्यादा आउटपुट मिलने की क्षमता होती है, जिससे भविष्य का खर्च काफी हद तक कम हो जाता है।

1500 Watt सोलर सिस्टम क्यों है बजट फ्रेंडली विकल्प
1500 वाट का सोलर सिस्टम उन घरों के लिए आदर्श माना जाता है, जहां रोजाना 4 से 6 यूनिट तक की खपत होती है। इस क्षमता का सिस्टम 1 किलोवाट से अधिक लोड संभाल सकता है, जिससे एक साथ कई जरूरी उपकरण चलाना संभव हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम बैटरियों की जरूरत पड़ती है, जिससे हर चार-पांच साल में बैटरी बदलने का खर्च कम हो जाता है। यही वजह है कि मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच यह सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लंबे समय में बिजली बिल लगभग खत्म कर देता है।
इन्वर्टर की भूमिका और उसकी कीमत
किसी भी सोलर सिस्टम की जान उसका इन्वर्टर होता है, क्योंकि बिना इन्वर्टर के सिस्टम अधूरा माना जाता है। 1500 VA क्षमता वाला MPPT टेक्नोलॉजी आधारित सोलर इन्वर्टर इस सेटअप के लिए सबसे उपयुक्त है। यह इन्वर्टर करीब 1000 वाट तक का लोड आराम से उठा सकता है और पैनल से मिलने वाली बिजली का अधिकतम उपयोग करता है। इसमें 100 एम्पियर का चार्ज कंट्रोलर मिलता है, जिससे बैटरी जल्दी और सुरक्षित चार्ज होती है। बाजार में ऐसे इन्वर्टर की कीमत करीब 12,000 रुपये के आसपास देखने को मिलती है और आमतौर पर इस पर दो साल की वारंटी भी दी जाती है।
सोलर पैनल और रोजाना बिजली उत्पादन
2025 में सोलर पैनल की सबसे उन्नत तकनीक N-Type TOPCon मानी जा रही है, जिसकी एफिशिएंसी करीब 23 प्रतिशत तक होती है। 1500 वाट के ऐसे सोलर पैनल लगाने पर रोजाना 7 से 8 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है। मौजूदा समय में इन पैनलों की कीमत 14 से 16 रुपये प्रति वाट के बीच चल रही है। इस हिसाब से 1500 वाट के पैनल पर करीब 21,000 रुपये का खर्च आता है। अच्छी धूप वाले क्षेत्रों में यह सिस्टम सालों तक स्थिर और भरोसेमंद बिजली देता है।
बैटरी, स्ट्रक्चर और कुल खर्च का गणित
इस सिस्टम के साथ 180Ah से 200Ah की एक सोलर बैटरी पर्याप्त मानी जाती है, जिसकी कीमत लगभग 16,500 रुपये तक आती है। पैनल लगाने के लिए GI या हॉट-डिप GI स्ट्रक्चर की जरूरत होती है, जिसकी लागत 5,000 से 10,000 रुपये के बीच हो सकती है। इसके अलावा वायर, MC4 कनेक्टर और इंस्टॉलेशन मिलाकर करीब 5,000 से 6,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च जुड़ता है।
कुल मिलाकर, इन्वर्टर, पैनल, बैटरी और बाकी जरूरी सामान जोड़ने पर 1500 वाट का पूरा सोलर सिस्टम लगभग 55,000 से 60,000 रुपये में तैयार हो जाता है। इस कीमत में रोज 8 यूनिट तक बिजली मिलना, लंबे समय तक राहत और कम मेंटेनेंस, इसे एक समझदारी भरा निवेश बना देता है।
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