दुनिया भर में ऊर्जा संकट और बढ़ते बिजली बिल के बीच चीन से आई एक नई तकनीक ने सबका ध्यान खींचा है। अब तक सोलर एनर्जी का मतलब छतों पर लगे भारी-भरकम पैनल या बड़े सोलर पार्क माने जाते थे, लेकिन चीन के वैज्ञानिकों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने ऐसी पारदर्शी सोलर खिड़कियां विकसित की हैं, जो दिखने में बिल्कुल सामान्य कांच जैसी हैं, लेकिन भीतर ही भीतर बिजली भी पैदा करती हैं। इस तकनीक को Transparent Solar Windows कहा जा रहा है, जिसने एनर्जी खपत को 75% तक कम करने का दावा किया है।

सोलर एनर्जी का नया दौर: अब हर इमारत बनेगी पावर हाउस
बीते एक सदी में ऊर्जा उत्पादन के कई तरीके सामने आए, जैसे कोयला, पानी, हवा और फिर सौर ऊर्जा। 21वीं सदी में सोलर पावर सबसे तेजी से अपनाई जाने वाली रिन्यूएबल एनर्जी बन चुकी है, लेकिन इसके साथ कुछ सीमाएं भी थीं। हर इमारत पर छत पर सोलर पैनल लगाना संभव नहीं होता और शहरी इलाकों में जगह की कमी भी बड़ी समस्या रही है। ऐसे में चीन की यह खोज सोलर एनर्जी को सीधे घरों और दफ्तरों की खिड़कियों तक ले आती है। अब इमारतें सिर्फ ऊर्जा की खपत नहीं करेंगी, बल्कि खुद ऊर्जा उत्पादन का साधन बनेंगी।
कैसे काम करती हैं Transparent Solar Windows
चीन की Nanjing University के शोधकर्ताओं ने Colorless and Unidirectional Diffractive-type Solar Concentrator यानी CUSC नाम की एक खास पारदर्शी कोटिंग विकसित की है। यह कोटिंग सूरज की रोशनी को खिड़की के किनारों की ओर मोड़ देती है, जहां छोटे-छोटे फोटोवोल्टाइक सेल लगाए जाते हैं।
यही सेल सूर्य की ऊर्जा को बिजली में बदलते हैं। खास बात यह है कि बाकी रोशनी सामान्य रूप से कमरे में प्रवेश करती रहती है, जिससे खिड़की पूरी तरह पारदर्शी बनी रहती है। रिसर्च और मॉडलिंग के अनुसार, अगर लगभग 2 मीटर चौड़ी खिड़की में यह सिस्टम लगाया जाए, तो पारंपरिक सोलर पैनलों की जरूरत 75% तक कम हो सकती है, जिससे लागत और संसाधनों दोनों की बचत होती है।
शहरों, पर्यावरण और भविष्य पर क्या होगा असर
इस तकनीक का असर सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। शहरी इलाकों में जहां इमारतों की खूबसूरती और डिजाइन अहम होती है, वहां ये सोलर खिड़कियां बिना किसी अतिरिक्त ढांचे के ऊर्जा पैदा कर सकती हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल यह तकनीक प्रायोगिक स्तर पर है, जहां छोटे प्रोटोटाइप सीधे बिजली पैदा कर रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़े अपार्टमेंट, ऑफिस टावर और शॉपिंग मॉल में इसका व्यापक इस्तेमाल हो सकता है। अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर अपनाई जाती है, तो आने वाले वर्षों में हर खिड़की एक मिनी पावर प्लांट बन सकती है और दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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